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अखबार या मैगजीन शुरू करनी है? RNI-PRGI रजिस्ट्रेशन का पूरा सच जान लीजिए, वरना बाद में पछताएंगे

1 min read PRGI Editorial Team
अखबार या मैगजीन शुरू करनी है? RNI-PRGI रजिस्ट्रेशन का पूरा सच जान लीजिए, वरना बाद में पछताएंगे

अगर आपने अपना अखबार, मैगजीन या पत्रिका निकालने का मन बना लिया है, तो सबसे पहले दिल से बधाई। पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखना आसान फैसला नहीं होता। लेकिन जोश में आकर सीधे प्रिंटिंग प्रेस बुक मत कीजिए, क्योंकि इससे पहले एक बहुत जरूरी काम बाकी है — RNI यानी PRGI रजिस्ट्रेशन

बहुत से नए पब्लिशर्स इसे हल्के में ले लेते हैं और बाद में महीनों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते रह जाते हैं। इसलिए आज हम आपको बिल्कुल सीधी-सादी भाषा में समझाएंगे कि ये रजिस्ट्रेशन क्या है, क्यों जरूरी है, कैसे होता है, और अगर आप चाहें तो इसे झंझट-मुक्त तरीके से कैसे करवा सकते हैं।

RNI अब PRGI क्यों बन गया है?

पहले जिसे RNI (Registrar of Newspapers for India) कहा जाता था, अब नए Press and Registration of Periodicals Act के तहत उसे PRGI (Press Registrar General of India) कहा जाता है। नाम बदला है, लेकिन काम वही है — देश में छपने वाले हर अखबार, मैगजीन और पत्रिका का सरकारी रिकॉर्ड रखना।

अगर आपका पब्लिकेशन बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहा है, तो न सिर्फ आपको कानूनी दिक्कत हो सकती है, बल्कि कोई और भी आपके अखबार का नाम इस्तेमाल कर सकता है। रजिस्ट्रेशन के बाद आपका टाइटल पूरी तरह सुरक्षित हो जाता है और कोई भी उसे कॉपी नहीं कर सकता।

अखबार या मैगजीन शुरू करनी है? RNI-PRGI रजिस्ट्रेशन का पूरा सच जान लीजिए, वरना बाद में पछताएंगे
अखबार या मैगजीन शुरू करनी है? RNI-PRGI रजिस्ट्रेशन का पूरा सच जान लीजिए, वरना बाद में पछताएंगे

इस रजिस्ट्रेशन से मिलता क्या है?

  • आपके अखबार या मैगजीन के नाम पर कानूनी हक मिल जाता है, कोई दूसरा वो नाम इस्तेमाल नहीं कर सकता
  • सरकारी विज्ञापन (DAVP) के लिए आप अप्लाई कर पाते हैं, जो एक बड़ा कमाई का जरिया है
  • पाठकों, विज्ञापनदाताओं और बाकी पत्रकार साथियों के बीच आपकी साख बनती है
  • कानूनी रूप से आप पूरी तरह सेफ रहते हैं, बाद में कोई नोटिस या दिक्कत नहीं आती

अब बात करते हैं असली प्रोसेस की

यहीं पर ज्यादातर लोग उलझ जाते हैं, क्योंकि यह काम सिर्फ एक फॉर्म भरने जितना आसान नहीं है।

पहला कदम — टाइटल वेरिफिकेशन: आपको अपने अखबार के लिए 5 नाम सुझाने होते हैं, जो आपके इलाके के जिलाधिकारी (DM) के दफ्तर के जरिए PRGI के पास भेजे जाते हैं। वहां से चेक होता है कि कहीं वो नाम पहले से किसी और के नाम पर तो रजिस्टर नहीं है।

दूसरा कदम — डिक्लेरेशन फाइल करना: नाम अप्रूव होते ही आपको DM के सामने एक कानूनी घोषणापत्र (declaration) फाइल करना होता है।

तीसरा कदम — पहला अंक छापना: डिक्लेरेशन अप्रूव होने के 42 दिन के भीतर आपको अपना पहला अंक (Volume 1, Issue 1) छापना जरूरी है। यहां तारीख में जरा सी भी चूक भारी पड़ सकती है।

चौथा कदम — फाइनल सबमिशन: छपी हुई कॉपी, CA सर्टिफिकेट और बाकी डॉक्यूमेंट्स को नई दिल्ली स्थित मुख्य PRGI दफ्तर भेजा जाता है, जहां से आपको आखिरी सर्टिफिकेट मिलता है।

अब यह पूरी प्रक्रिया Press Sewa Portal के जरिए ऑनलाइन भी हो चुकी है, जिससे कुछ हद तक आसानी हुई है, लेकिन डॉक्यूमेंटेशन और आधार e-Sign जैसे टेक्निकल स्टेप अभी भी बहुत सावधानी मांगते हैं।

जरूरी डॉक्यूमेंट्स की लिस्ट

डॉक्यूमेंट किस लिए चाहिए
आधार कार्ड और पैन कार्ड मालिक/पब्लिशर की पहचान के लिए
टाइटल वेरिफिकेशन लेटर नाम अप्रूवल का सबूत
प्रिंटर एग्रीमेंट जहां अखबार छपेगा उसका कानूनी टाई-अप
एड्रेस प्रूफ ऑफिस के पते का प्रमाण
पहला छपा हुआ अंक पब्लिकेशन शुरू होने का सबूत

एक भी डॉक्यूमेंट गलत या अधूरा हुआ, तो आपकी फाइल वापस लौट सकती है और आपको फिर से महीनों इंतजार करना पड़ सकता है।

तो फिर सारा काम खुद क्यों झेलें?

सच बताएं तो ज्यादातर पब्लिशर्स का असली शौक न्यूज़ लिखना और पत्रकारिता करना होता है, सरकारी दफ्तरों के धक्के खाना नहीं। DM ऑफिस की भागदौड़, बार-बार डॉक्यूमेंट सुधारना, और दिल्ली के दफ्तर से फॉलो-अप लेना — यह सब बहुत समय और धैर्य मांगता है।

इसी वजह से हमने PRGI Registration Consultancy शुरू की। हम बिहार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र से लेकर बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद और केरल तक — पूरे भारत के पब्लिशर्स की मदद करते हैं। साहरसा जैसे छोटे शहर से लेकर दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े महानगर तक, हर जगह की लोकल प्रोसेस और DM ऑफिस के तौर-तरीकों की हमें अच्छी जानकारी है।

साउथ इंडिया से जो पब्लिशर्स रजिस्ट्रेशन करवाना चाहते हैं, उनके लिए एक अलग दिक्कत होती है — केंद्रीय PRGI ऑफिस दिल्ली में है, और वहां तक बार-बार फॉलो-अप करना मुश्किल हो जाता है। हम इस दूरी को खत्म करते हैं और आपकी तरफ से दिल्ली में जरूरी फॉलो-अप खुद संभालते हैं।

हम क्या-क्या संभालते हैं

  • नाम अप्रूव कराने से लेकर फाइनल सर्टिफिकेट मिलने तक की पूरी जिम्मेदारी
  • ऐसे डॉक्यूमेंट और एफिडेविट तैयार करना जो पहली बार में ही अप्रूव हों
  • आपके ARN और एप्लीकेशन की टाइमलाइन पर लगातार नजर रखना
  • हर राज्य के DM दफ्तर की अलग-अलग प्रक्रिया की पूरी समझ

आपको बस अपनी खबरों और अपनी टीम पर ध्यान देना है, कागजी झंझट हम देख लेंगे।

अपना अखबार शुरू करने के लिए तैयार हैं?

कानूनी कागजी कार्रवाई को अपने सपने के आड़े मत आने दीजिए। सही और भरोसेमंद पार्टनर के साथ यह पूरा काम कुछ ही हफ्तों में आसानी से हो सकता है।

आज ही मुफ्त सलाह के लिए संपर्क करें:

🌐 वेबसाइट: prgiregistration.com 📞 कॉल या व्हाट्सऐप करें: 9988775158

आपकी आवाज़ को कानूनी पहचान दिलाना, यही हमारा काम है।


  • RNI PRGI रजिस्ट्रेशन कंसल्टेंसी इंडिया | पूरी प्रक्रिया और मदद
  • अखबार या मैगजीन शुरू करनी है? जानिए RNI/PRGI रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया, जरूरी डॉक्यूमेंट्स और पाएं भारत भर में एक्सपर्ट मदद। कॉल करें 9988775158
  • RNI रजिस्ट्रेशन कैसे करें, PRGI रजिस्ट्रेशन प्रोसेस, अखबार रजिस्ट्रेशन इंडिया, RNI कंसल्टेंट बिहार दिल्ली, न्यूज़पेपर रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट, प्रेस सेवा पोर्टल रजिस्ट्रेशन

Important: This article provides general educational information and private consultancy guidance. Official requirements, portal steps, fees and decisions should be verified from current PRGI and Press Sewa sources.

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